पाठ - ४
विकार मुक्तिः हि राष्ट्रस्य शक्तिः
1. उत्तराणि लिखत -
(क) क: आतपे उपविश्य कार्याणि करोति?
उत्तरम्: आचार्य: आतपे उपविश्य कार्याणि करोति।
(ख) दूरात् क: आचार्यस्य समीपम् आगच्छति?
उत्तरम्: दूरात् भास्कर: आचार्यस्य समीपम् आगच्छति।
(ग) जना: कस्मात् भ्रष्टाचारं कुर्वन्ति?
उत्तरम्: जना: लोभात् भ्रष्टाचारं कुर्वन्ति।
(घ) राष्ट्रसेवाया: प्रथमं सोपानं किम्?
उत्तरम्: स्वविकारोन्मूलनम् (निज विक्रारर विनाश) राष्ट्रसेवाया: प्रथमं सोपानम् अस्ति।
(ङ) कस्मात् हिंसां कुर्वन्ति?
उत्तरम्: क्रोधात् (खंर परा) हिंसां कुर्वन्ति।
2. रिक्तस्थानानि पूरयत -
(क) मम एका ............ अस्ति।
उत्तरम्: मम एका जिज्ञासा अस्ति।
(ख) ............ एक ज्ञानस्य द्वारम्।
उत्तरम्: जिज्ञासा एव ज्ञानस्य द्वारम्।
(ग) लोभ: ............ कारणम्।
उत्तरम्: लोभ: पापस्य कारणम्।
(घ) विकारमुक्ति: हि राष्ट्रस्य ............।
उत्तरम्: विकारमुक्ति: हि राष्ट्रस्य शक्ति:।
(ङ) अहं ............ अस्मि।
उत्तरम्: अहं कुशली अस्मि।
(च) विकाराणाम् उन्मूलनाय उपाया: ............।
उत्तरम्: विकाराणाम् उन्मूलनाय उपाया: स्वाध्याय:, ध्यानं, सेवा, अहिंसा, विवेक: च सत्संगति:।
3. व्युत्पत्ति निर्णयं कुरुत
जायते, पृच्छतु, मास्तु, शक्नोति, वर्त्तते, जानामि, अपाकरोति, शक्ति:, हरति, सिञ्चति, स्यात्
उत्तरम्:
पदम् | धातु/मूलशब्द | `लकार/प्रत्यय/विभक्ति |
जायते | जन् (धातु) | लट् लकार, आत्मनेपद, प्रथम पुरुष, एकवचन |
पृच्छतु | प्रच्छ् (धातु) | लोट् लकार, परस्मैपद, प्रथम पुरुष, एकवचन |
मास्तु | मा + अस्तु (अस्) | निषेधार्थक अव्यय + लोट् लकार |
शक्नोति | शक् (धातु) | लट् लकार, परस्मैपद, प्रथम पुरुष, एकवचन |
वर्त्तते | वृत् (धातु) | लट् लकार, आत्मनेपद, प्रथम पुरुष, एकवचन |
जानामि | ज्ञा (धातु) | लट् लकार, परस्मैपद, उत्तम पुरुष, एकवचन |
अपाकरोति | ज्ञा (धातु) | लट् लकार, परस्मैपद, प्रथम पुरुष, एकवचन |
शक्ति | शक् (धातु) | 'क्तिन्' प्रत्यय, प्रथमा विभक्ति, एकवचन |
हरति | हृ (धातु) | लट् लकार, परस्मैपद, प्रथम पुरुष, एकवचन |
सिञ्चति | सिच् (धातु) | लट् लकार, परस्मैपद, प्रथम पुरुष, एकवचन |
स्यात् | अस् (धातु) | विधिलिङ् लकार, परस्मैपद, प्रथम पुरुष, एकवचन |
4. समानार्थकम् पदानु लिखत -
स्वीयं, जाड्यं, जिज्ञासा, आतप:, धिय:, चेत:
उत्तरम्: समानार्थकम् पदानु लिखत -
स्वीयं - निजम् / स्वकीयम्
जाड्यं - मूर्खता / जडता
जिज्ञासा - ज्ञातुम् इच्छा
आतप: - सूर्यप्रकाश: / घर्म:
धिय: - बुद्धे:
चेत: - मन: / हृदयम्
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