पद्य - 4
कलम और तलवार
अभ्यासमाला
❖ बोध एवं विचार
1. पूर्ण वाक्य में उत्तर दो :
(क) कलम किसका प्रतीक है?
उत्तर: पाठ के अनुसार, कलम ज्ञानशक्ति और विचारों की शक्ति का प्रतीक है ।
(ख) तलवार किसका प्रतीक है?
उत्तर: तलवार शारीरिक (दैहिक) शक्ति, विजय और आत्मरक्षा का प्रतीक है ।
(ग) संसार में कलम और तलवार में से किसकी शक्ति असीम है?
उत्तर: संसार में कलम की शक्ति को बड़ा और प्रभावशाली बताया गया है क्योंकि यह लोगों के दिल और दिमाग में विचारों की आग लगा सकती है और समाज में नई चेतना पैदा कर सकती है ।
(घ) मीठे गान की सृष्टि किसके द्वारा होती है?
उत्तर: मीठे गान की सृष्टि कलम के द्वारा होती है, जब कवि अंध कक्ष में बैठकर ऊँचे और मधुर गीतों की रचना करता है ।
(ङ) युद्ध किसके बल पर जीता जा सकता है?
उत्तर: युद्ध मैदान में जाकर तलवार पकड़कर और शारीरिक शक्ति के बल पर जीता जा सकता है ।
(च) किसमें विचारों की शक्ति होती है?
उत्तर: कलम में विचारों की शक्ति होती है, जो जलते हुए अंगारे पैदा करती है और देश के प्राणों को प्रज्ज्वलित करती है ।
2. अति संक्षिप्त उत्तर दो (लगभग 25 शब्दों में) :
(क) कलम हमारे किस काम आती है?
उत्तर: कलम ज्ञान और विचारों की शक्ति का प्रतीक है । इसके माध्यम से हम ज्ञान का दीप जलाकर समाज में नई चेतना और ऊँचे भाव जगाते हैं । यह लोगों के दिमाग में क्रांति की आग लगाने और राष्ट्र को जागृत करने के काम आती है ।
(ख) तलवार की क्या उपयोगिता है?
उत्तर: तलवार शारीरिक शक्ति और विजय का प्रतीक है । यह युद्ध के मैदान में विजय प्राप्त करने और हिंसक पशुओं तथा शत्रुओं से आत्मरक्षा करने के लिए उपयोगी है । घर की रखवाली और दैहिक शक्ति के प्रदर्शन के लिए तलवार की आवश्यकता पड़ती है ।
(ग) 'अंध कक्ष में बैठ रचोगे ऊँचे मीठे गान'— का आशय स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: इस पंक्ति का आशय शांतिपूर्ण ढंग से एकांत में बैठकर साहित्य सृजन करने से है । यहाँ कवि का तात्पर्य है कि कलम की शक्ति का उपयोग कर व्यक्ति बंद कमरे में भी ऊँचे और मधुर गीतों की रचना करके समाज को नई दिशा दे सकता है ।
(घ) कलम विचारों के अंगारे कैसे पैदा करती है?
उत्तर: कलम अपनी लेखनी के माध्यम से समाज में क्रांतिकारी विचार फैलाती है । जब कवि अपनी रचनाओं से लोगों के दिलों में देशप्रेम और जोश भरता है, तब वे विचार अंगारों की तरह कार्य करते हैं, जिससे पूरा देश प्रज्ज्वलित और जागरूक हो उठता है ।
(ङ) अक्षर चिनगारी कैसे बनते हैं?
उत्तर: जहाँ नर-नारी निर्भय होकर अन्याय के विरुद्ध खड़े होते हैं, वहाँ कलम से लिखे शब्द 'आग' उगलने लगते हैं । ऐसे समाज में लेखनी द्वारा लिखे गए अक्षर लोगों के मन में क्रांति की 'चिनगारी' बनकर फूटते हैं और समाज में बदलाव लाते हैं ।
3. संक्षेप में उत्तर दो (लगभग 50 शब्दों में) :
(क) हाथों में शस्त्रास्त्र न होने पर भी कलम के द्वारा समाज में फैले भ्रष्टाचार-अनाचार को कैसे दूर किया जा सकता है?
उत्तर: कलम विचारों की शक्ति का प्रतीक है जो दिल और दिमाग में आग लगाने की क्षमता रखती है । हाथों में शस्त्र न होने पर भी, कलम के माध्यम से ज्वलित और क्रांतिकारी विचारों का संचार करके समाज में नई चेतना पैदा की जा सकती है । जब मनुष्य के भीतर विचारों के शोले जलते हैं और उनके अक्षर चिनगारी बनकर फूटते हैं, तो समाज का हर व्यक्ति निर्भय हो जाता है । इस प्रकार, कलम के द्वारा जन-जागरण करके बिना तलवार उठाए भी भ्रष्टाचार और अनाचार जैसी सामाजिक बुराइयों को जड़ से मिटाया जा सकता है।
(ख) कलम और तलवार में से तुम क्या लेना पसंद करोगे और क्यों?
उत्तर: यह चयन स्थिति और आवश्यकता पर निर्भर करता है, क्योंकि कविता में दोनों की अपनी स्वतंत्र सत्ता और महत्ता बताई गई है । व्यक्तिगत रूप से मैं कलम लेना पसंद करूँगा क्योंकि यह ज्ञान का दीप जलाकर अंधकार दूर करती है और समाज में दूरगामी परिवर्तन लाने की शक्ति रखती है । हालाँकि, हिंसक जीवों से आत्मरक्षा और राष्ट्र की बाहरी सीमाओं की रक्षा के लिए तलवार (शारीरिक शक्ति) की उपयोगिता को भी नकारा नहीं जा सकता । अतः, मानसिक विकास के लिए कलम और सुरक्षा हेतु तलवार, दोनों का समन्वय ही जीवन के लिए आदर्श है।
(ग) इस कविता से हमें क्या प्रेरणा मिलती है?
उत्तर: राष्ट्रकवि दिनकर की इस कविता से हमें यह प्रेरणा मिलती है कि किसी भी समाज की उन्नति के लिए ज्ञान और शक्ति दोनों अनिवार्य हैं । कविता हमें सिखाती है कि जहाँ कलम विचारों के माध्यम से राष्ट्र को जागरूक और प्रज्ज्वलित रखती है, वहीं तलवार बाहरी शत्रुओं से देश की रक्षा करती है । हमें यह संदेश मिलता है कि हमें केवल शारीरिक रूप से ही नहीं, बल्कि मानसिक और बौद्धिक रूप से भी शक्तिशाली बनना चाहिए ताकि हम एक निर्भय और प्रगतिशील समाज का निर्माण कर सकें ।
4. सम्यक उत्तर दो (लगभग 100 शब्दों में) :
(क) 'कलम और तलवार' कविता का सारांश लिखो।
उत्तर: राष्ट्रकवि रामधारी सिंह 'दिनकर' द्वारा रचित 'कलम और तलवार' एक अत्यंत प्रभावशाली कविता है । इस कविता में कवि ने कलम और तलवार के माध्यम से वैचारिक शक्ति और शारीरिक शक्ति के महत्व की तुलना की है । कवि कहते हैं कि कलम ज्ञान का प्रतीक है, जो मनुष्य के मन में ऊँचे भाव और समाज में नई चेतना जागृत करती है । यह समाज में विचारों की क्रांति लाने और लोगों को जागरूक करने में समर्थ है । दूसरी ओर, तलवार दैहिक शक्ति और विजय का प्रतीक है, जिसकी आवश्यकता युद्ध जीतने और हिंसक पशुओं से आत्मरक्षा हेतु पड़ती है । कवि का मानना है कि जिस देश के नागरिकों में कलम की वैचारिक शक्ति होती है और जहाँ अक्षर चिनगारी बनकर फूटते हैं, वहाँ समाज निर्भय हो जाता है । अंततः, कविता संदेश देती है कि समाज की रक्षा और प्रगति के लिए ज्ञान (कलम) और शक्ति (तलवार) दोनों का अपना-अपना महत्व है ।
(ख) कलम और तलवार में किसकी शक्ति अधिक है? तर्क सहित अपना विचार प्रस्तुत करो।
उत्तर: कविता के संदर्भ में कलम और तलवार दोनों की अपनी स्वतंत्र सत्ता और उपयोगिता है । तलवार बाहरी सीमाओं की रक्षा और शारीरिक विजय के लिए आवश्यक है, परंतु यदि सूक्ष्मता से देखा जाए, तो कलम की शक्ति अधिक व्यापक और असीम है। मेरा तर्क यह है कि तलवार केवल शरीर पर विजय प्राप्त कर सकती है, जबकि कलम मनुष्य के दिल और दिमाग पर राज करती है । कलम विचारों के ऐसे 'जलते अंगारे' पैदा करती है, जो राष्ट्र को अमर बना देते हैं और उसमें कभी न खत्म होने वाला जोश भर देते हैं 。 जहाँ लोग अपने लहू में विचारों की धार पालते हैं, वहाँ तलवार न होने पर भी राष्ट्र सुरक्षित रहता है क्योंकि वैचारिक क्रांति ही समाज की वास्तविक सुरक्षा है । तलवार एक समय के बाद शांत हो सकती है, लेकिन कलम द्वारा बोए गए विचार सदियों तक समाज का मार्गदर्शन करते रहते हैं। अतः, कलम की वैचारिक शक्ति तलवार की भौतिक शक्ति से कहीं अधिक प्रभावशाली और स्थायी है।
5. सप्रसंग व्याख्या करो :
(क) अंध कक्ष में बैठ रचोगे ऊँचे मीठे गान ?
या तलवार पकड़ जीतोगे बाहर जा मैदान ?
उत्तर: संदर्भ और प्रसंग: ये पंक्तियाँ हमारी पाठ्यपुस्तक 'आलोक भाग-2' की कविता 'कलम और तलवार' से ली गई हैं, जिसके रचयिता राष्ट्रकवि रामधारी सिंह 'दिनकर' हैं । इसमें कवि पाठक से कलम और तलवार के चुनाव के विषय में प्रश्न कर रहे हैं I
व्याख्या: कवि मनुष्य के सामने दो विकल्प रखते हैं । वे पूछते हैं कि क्या तुम एक बंद अंधेरे कमरे में शांति से बैठकर ऊँचे और मधुर गीतों की रचना करना चाहते हो (जो कलम का कार्य है), या फिर तुम हाथों में तलवार थामकर युद्ध के मैदान में उतरकर विजय प्राप्त करना चाहते हो? यहाँ कवि स्पष्ट करते हैं कि कलम आंतरिक शांति और सृजन का मार्ग है, जबकि तलवार बाहरी वीरता और संघर्ष का प्रतीक है ।
(ख) लहू गर्म रखने को रखो मन में ज्वलित विचार,
हिंस्र जीव से बचने को चाहिए किंतु, तलवार।
उत्तर: संदर्भ और प्रसंग: ये पंक्तियाँ 'दिनकर' जी द्वारा रचित कविता 'कलम और तलवार' से उद्धृत हैं । यहाँ कवि ने मानसिक चेतना और शारीरिक सुरक्षा के बीच के संतुलन को दर्शाया है I
व्याख्या: कवि कहते हैं कि अपने उत्साह और जोश को जीवित रखने के लिए मनुष्य के मन में हमेशा ज्वलंत और क्रांतिकारी विचार होने चाहिए, जो केवल कलम या साहित्य से ही संभव हैं । लेकिन, वे साथ ही यह भी सचेत करते हैं कि केवल विचारों से आत्मरक्षा नहीं हो सकती । यदि समाज में हिंसक जीव या शत्रु सामने आ जाएँ, तो उनसे बचने और अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हाथ में तलवार का होना भी अत्यंत आवश्यक है ।
(ग) जहाँ लोग पालते लहू में हलाहल की धार,
क्या चिंता यदि वहाँ हाथ में हुई नहीं तलवार ?
उत्तर: संदर्भ और प्रसंग: ये पंक्तियाँ राष्ट्रकवि 'दिनकर' कृत 'कलम और तलवार' कविता से ली गई हैं । इसमें कवि ने वैचारिक दृढ़ता को शारीरिक शस्त्रों से ऊपर बताया है I
व्याख्या: कवि के अनुसार, जिस समाज के लोग निर्भय होते हैं और जिनके अक्षरों में चिनगारी होती है, वे अत्यंत शक्तिशाली होते हैं । यदि किसी देश के नागरिकों के खून में अन्याय के प्रति विष (हलाहल) जैसी तीखी प्रतिक्रिया और दिमाग में क्रांति के गोले हों, तो उन्हें किसी बाहरी शस्त्र की आवश्यकता नहीं पड़ती I कवि का तर्क है कि जहाँ मानसिक शक्ति और संकल्प इतने प्रबल हों, वहाँ यदि हाथ में तलवार न भी हो, तो भी चिंता की कोई बात नहीं है क्योंकि वह समाज अपने विचारों के बल पर ही सुरक्षित रहता है I
❖ भाषा एवं व्याकरण ज्ञान
1. निम्नांकित शब्दों के दो-दो पर्यायवाची शब्द लिखो—
घर, तलवार, दीप, लहू, बिजली, तन, अपार, शक्ति
उत्तर:
| शब्द | पर्यायवाची शब्द 1 | पर्यायवाची शब्द 2 |
| घर | गृह | सदन |
| तलवार | कृपाण | असि |
| दीप | दीपक | चिराग |
| लहू | रक्त | खून |
| बिजली | चपला | दामिनी |
| तन | शरीर | काया |
| अपार | असीम | बेहद |
| शक्ति | बल | सामर्थ्य |
2. एक ही शब्द के कई-कई अर्थ होते हैं : इन्हें 'अनेकार्थी शब्द' कहते हैं।
यथा— 'पानी' के चार अर्थ होते हैं— जल, शान, चमक और प्रतिष्ठा।निम्नांकित शब्दों के दो-दो अर्थ लिखो—
कलम, कक्षा, मैदान, अक्षर
उत्तर:
कलम:
लेखनी (लिखने का साधन)
पेड़ की टहनी का कटा हुआ भाग (जो रोपने के काम आता है)
कक्षा:
श्रेणी या दर्जा (जैसे Class-X)
परिधि या घेरा (जैसे ग्रहों की कक्षा)
मैदान:
समतल भूमि या खुला क्षेत्र
रणभूमि (युद्ध का क्षेत्र)
अक्षर:
वर्ण (भाषा की सबसे छोटी इकाई)
अविनाशी (जिसका कभी नाश न हो)